त्रिफला चूर्ण के फायदे: त्रिफला चूर्ण खाने का सही तरीका

त्रिफला चूर्ण के फायदे

(Triphala) त्रिफला आयुर्वेद का वह दवा है जिसका कोई भी साइड इफेक्ट नही है !

त्रिफला क्या है :–

त्रिफला तीन फलों का कॉम्बिनेशन है जो हरड़, बहेड़ा और आंवले की सबसे बड़ी खासियत यह होती है ! कि यह शरीर के टॉक्सिन्स को यानी विषैले त्वतो को इकठ्ठी नही होने देती है !

हरड़ :–  त्रिफला चूर्ण के फायदे

हरड़ को असल मे योगवाही ओषधि कहा जाता है और योग वाही से मतलब यह है कि किसी भी आयुर्वेद दवा के साथ अगर हरड़ दी जाए ! तो वह आयुर्वेद दवा शरीर मे पूरी तरह से अब्जॉर्ब हो जाती है और अपना पूरा असर दिखाती है !

बहेड़ा :–  त्रिफला चूर्ण के फायदे

बहेड़ा की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि शरीर के तीनों दोषों को यानी वात, कफ और पित्त को बैलेंस कर देता है ! अगर यह तीनों दोष बढ़े हुए होते है ! तो यह कम करके नॉर्मल कर देता है पूरे आयुर्वेद में डायजेस्टिव सिस्टम को सही करने के लिये बहेड़ा से बेहतर कुछ भी नही !
त्रिफला में जो आंवला है यह शरीर से सभी बुरी चीजे कम कर देती है ! और बहेड़ा सभी अच्छी चीजों को बढ़ा देता है और हरड़, आंवले और बहेड़ा को पूरी तरह से शरीर मे अब्जॉर्ब करवाता है !

त्रिफला का मुख्य भाग आंवला होता है पर जब आंवले को हरड़ और बहेड़ा के साथ मिला दिया जाता है ! तब आंवले के गुण और प्रभाव कई गुना बढ़ जाते हैं ! और मेडिकल भाषा मे इसी चीज को Sunergism कहा जाता है !

त्रिफला क्यो खास है :–  त्रिफला चूर्ण के फायदे

शरीर में जितनी भी बीमारियां होती है उनमें से 90% बीमारियां पेट से शुरू होती है ! और इसीलिए अगर स्वाथ्य रहना चाहते हैं तो फिर पेट को स्वास्थ्य रखना जरूरी है शरीर मे बीमारियां वात, कफ और पित्त डिसबैलेंस होने की वजह से होती है ! क्योंकि जीवनशैली की वजह से वात, कफ और पित्त को बैलेंस नही कर पाते हैं ! त्रिफला वात, कफ और पित्त को बैलेंस करता है इसीलिए त्रिफला जरूर लेना चाहिए !

( त्रिफला चूर्ण के फायदे )

(Triphala) त्रिफला डायजेशन को ठीक करें :– त्रिफला चूर्ण के फायदे

यह डायजेस्टिव सिस्टम को सबसे अच्छा रखने का बेहतरीन दवा है ! यह आंतो के पेरिस्कोलड मोमेंट को बढ़ा देता है जिसकी वजह से कॉस्टिपेशन नही होता है ! त्रिफला पेट को साफ करता है और पेट साफ करने के लिए त्रिफला के साथ साथ सनाय पत्ती भी डाली जाती है ! सनाय पत्ती अगर महीने में एक बार भी ले ली जाए तो बहुत अच्छी होती है ! इसीलिए कब्ज परेशान लोग त्रिफला जरूर लें !

त्रिफला लिवर और किडनी के लिए :– त्रिफला चूर्ण के फायदे

त्रिफला लिवर और किडनी के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है ! तला भुना खाने की वजह से या तो शराब पीने की वजह से शरीर मे जितने भी टॉक्सिन्स इकठ्ठा हो जाते हैं !
त्रिफला टॉक्सिन को मल मूत्र और सवेंद के जरिये शरीर से बाहर निकाल देता है !

त्रिफला भूख को बढ़ाये :– त्रिफला चूर्ण के फायदे

यदि बैठने का काम करते हैं और फिजिकल काम ज्यादा नही करते है तो त्रिफला जरूर लेना चाहिए ! त्रिफला न केवल भूख को बढ़ाती है बल्कि जो कुछ खाते हैं उनको पूरी तरह से हजम कर देता है ! यदि पेट से रिलेटड को बीमारी है तो त्रिफला खाये जैसे – पेट दर्द, हाजमे की खराबी ,उल्टी या दस्त, पेचिश, मरोड़, गैस या एसिडिटी पेट मे कीड़े है तो त्रिफला लेने से ये सारी परेशानियां खत्म हो जाती है !

त्रिफला मुँह से रिलेटड परेशानी को दूर करें :– त्रिफला चूर्ण के फायदे-+

यदि मुंह मे छाले होते हैं ,मसूड़े में सूजन ,दाँतो में दर्द, मसूड़ो से खून आता हो ! तो त्रिफला लेने से इन सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है ! अगर पायरिया है तो न सिर्फ त्रिफला खाना है बल्कि त्रिफला चूर्ण से दाँतो की मालिश करना है !

त्रिफला विषैले पदार्थों को बाहर करें :–

त्रिफला खून में जितना भी टॉक्सिन्स होते है उन सभी टॉक्सिन्स को पसीने या फिर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देता है ! जिससे शरीर तरोताजा महसूस होता है यदि थकान, आलस्य या भारीपन महसूस करते हैं तो फिर त्रिफला शहद के साथ लेना चाहिए ! जितना त्रिफला ले रहे हैं उतना ही शहद भी लेना है !

त्रिफला कोलेस्ट्रॉल को ठीक करें :–

त्रिफला में जो हरड़ होता है यह ब्लड कोलेस्ट्रॉल को नॉर्मल कर देता है ! जो एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल होता है यह शरीर से बाहर निकाल देता है ! और इसका सबसे ज्यादा फायदा यह होता है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नही होती है ! और अगर हाई ब्लड प्रेशर है या हार्ट प्रॉब्लम है तो त्रिफला जरूर लें !

त्रिफला सूखी खांसी या गीली खाँसी में :–

अगर सूखी खांसी रहती है या गीली खाँसी रहती है तो त्रिफला को इन दोनों को सही करती है ! इसके अलावा अगर अस्थमा की शिकायत है तो फिर त्रिफला खास तौर पर फायदेमंद है ! क्योंकि त्रिफला में जो आंवला रहता है पुराने से पुराने कफ को खींचकर बाहर निकाल देता है !
आंवला दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑक्सीडेंट होता है अगर स्मोकिंग करते हैं या फिर ऐसी जगह रहते हैं ! जंहा पर बहुत ज्यादा प्युलशन रहता है तो फिर त्रिफला जरूर लेना चाहिए !

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त्रिफला खूबसूरती को बढ़ाये :–

त्रिफला लेने से खूबसूरती बढ़ जाती है और ऐसा इसीलिए है ! जो त्रिफला में जो आंवला रहता है ये ना केवल आपकी खाल में कसावट लाता है ! बल्कि ये खाल में लॉच पैदा करती है और न केवल ये त्रिफला की वजह से नाखून, बाल चमकदार बनाते हैं !
इसके अलावा कील ,मुहांसे, फोड़े, फुंसी या स्किन की सभी इंफेक्शन को त्रिफला छः महीने के अंदर स्किन की परेशानी जड़ से खत्म कर देती है !
कील मुंहासे के लिए त्रिफला और नीम की पत्ती की पेस्ट बनाकर उस जगह पर लगाये !

इसके अलावा बालो की जड़ो को मजबूत बनाता है बालो को पतला होने से बचाता है,समय से पहले सफेद होने से रोकता है ! बालो को चमकदार बनाता है !

त्रिफला आंखों के लिए फायदेमंद :–

आंखों को फायदा पहुचाने के लिए त्रिफला खाना चाहिए और सुबह सुबह आंखों को त्रिफला के पानी से धोना चाहिए !
इसके लिए 10 ग्राम त्रिफला 500 ग्राम पानी मे रात भर रखे सुबह रुमाल से छानकर उस पानी से आंखों को धो लें ! इससे न केवल आंखों की रोशनी बढ़ती है बल्कि आंखों में किसी भी तरह का इंफेक्शन नही होता है !

इम्युनिटी को बूस्ट करे त्रिफला :–

त्रिफला इम्युनिटी को बढ़ाता है क्योंकि त्रिफला में न केवल एंटी इम्फलमेंट्री बल्कि एन्टी वायरल प्रोपर्टीज भी होते हैं ! इसका बड़ा फायदा यह होता है कि बहुत सारी बीमारियों से बचाये रखता है ! जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है उन्हें त्रिफला लेना चाहिए ! इसके अलावा जिनको जुकाम बराबर होता है उनको भी त्रिफला जरूर लेना चाहिए !

त्रिफला को सभी रसायनों का राजा कहा जाता है और रसायन उस चीज को कहा जाता है! जिसकी वजह से एजिंग प्रोसेस उस प्रमोट को धीमा कर देता है अगर त्रिफला लेते हैं तो असली उम्र से 5 साल कम दिखेंगे !

त्रिफला की मात्रा :–

जितनी उम्र है उतना रत्ती त्रिफला रोज खाना चाहिए त्रिफला खाने का सबसे सही समय खाना खाने के 45 मिनट बाद होता है ! और इसलिए खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी के साथ त्रिफला रोजना लें !

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